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बुधवार, 16 दिसंबर 2020

पद परिचय (क्लास १० हिंदी व्याकरण ) " हल किये गए प्रश्नो के साथ"।

pad parichay(पद परिचय )


पद परिचय :--

* शब्दों की रचना वर्णों की सार्थक मेल अर्थात जब एक वर्ण दूसरे वर्ण से सही क्रम में मिलते  हैं और उनका सही  अर्थ निकलता है तो शब्द का निर्माण करते हैं। जैसे न म क  (नमक), क ल म (कलम) . 

* शब्दों के सार्थक मेल से वाक्यों की रचना होती है अर्थात शब्दों का सही क्रम लगाकर बनाये गए वाक्य जिनका अर्थ  हो। 

* शब्द जब वाक्य में प्रयुक्त होते हैं तो वह "पद" कहलाते हैं। 

       पद परिचय के उदाहरण :--

जैसे मोर हमारा राष्ट्रीय पछि है। (यहाँ मोर को वाक्यों में परिचय दे रहे है तो मोर पद बन गया है )अर्थात शब्द जब अकेला होता है तो वो अपनी  स्थिति में होता है ,परन्तु जब वाक्यों में प्रयोग होता है तो वो पद बन जाता है। 

* पद परिचय के अंतर्गत वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक पद का अलग - अलग पूर्ण परिचय दिया जाता है , जैसे - वाक्य  में जब कोई भी शब्द लेते हैं तो व्याकरण के आधार पर उसका पूर्ण परिचय (संज्ञा ,शर्वनाम ,लिंग,विशेषण ,क्रिया,कारक ,वचन ,पुरुष )इन सभी के हिसाब से वो शब्द कहाँ पर आता है उसके बारे में बताना ही पद परिचय कहलाता है। इसे शब्दों का व्याकरणीकरण भी कह सकते हैं। 

* इसमें पद का भेद ,उपभेद,लिंग, वचन , पुरुष ,कारक आदि का परिचय दिया जाता है।कोई भी शब्द जो हम इस्तेमाल करते  हैं तो वो क्या ? वो यदि संज्ञा है तो वो संज्ञा का  कौन सा भेद है,कौन सा वचन है , लिंग कौन सा है ?वो शब्द किस स्थान पर है ?इत्यादि।

पद परिचय -परिभाषा :--


                                   वाक्य में प्रयुक्त पदों का व्याकरणिक परिचय ही पद परिचय कहलाता है। जैसे -कोई भी पद या शब्द वाक्य में व्याकरण के आधार पर  जो अपनी स्थिति दर्शाता है वही पद परिचय कहलाता है। 
पदों को दो वर्गों में वांटा जाता है 
* विकारी :--               
              (जिनमे लिंग ,कारक ,वचन के अनुसार बदलाव होते है) 
* अविकारी /अव्यय :--
                       (जिनमे बदलाव नहीं होते हैं ,उन्हें अविकारी या अव्यय कहा जाता है )
अतः जब भी पद परिचय के लिए कहा जाये तो सबसे पहले इसकी पहचान करेंगे की वो विकारी है या अविकारी। उसके बाद हम उसके भेद के हिसाब से काम करेंगे। 

* विकारी शब्दों का पद परिचय  :--

                                      संज्ञा का  पद परिचय (किसी व्यक्ति ,वास्तु,स्थान आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। )
संज्ञा का पद परिचय  : --
                              संज्ञा के पद परिचय में निम्नलिखित पांच बातें अपेक्षित है:
उदाहरण :--  

 सौरभ पुस्तक पढ़ता है।

सौरभ                                           पुस्तक  
भेद (व्यक्ति  वाचक)                     जाती वाचक संज्ञा 
लिंग (पुलिंग)                                 पुलिंग 
वचन (एक वचन)                           एक वचन 
कारक (कर्ता कारक )                     कर्म कारक 

२. सर्वनाम का पद परिचय :--
                                 (जो शब्द संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त किये जाते हैं वो शब्द सरनाम कहलाते हैं। )

विकारी  पद परिचय -सर्वनाम का पद परिचय 


 सर्वनाम का पद परिचय - 

                                सर्वनाम के पद में निम्न बिंदु अपेक्षित  है:
हमारे अपने घर के सामने ही विद्यालय है।
 
   पुरुष वाचक (उत्तम,माध्यम, अन्य )
निश्चय वाचक 
अनिश्चय वाचक 
सम्बन्ध बोधक 
प्रश्न वाचक 
निज वाचक 
भेद,लिंग,वचन, कारक। 

हम अपने(सर्वनाम ) घर के सामने खेलते हैं। 
हम : सर्वनाम, उत्तम पुरुष ,बहु वचन ,पुलिंग ,कर्ता कारक 
अपने :  सर्वनाम,निजवाचक ,पुलिंग ,एक वचन ,सम्बन्ध कारक
  

३. विशेषण का पद परिचय

                                      (जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाते है वो शब्द विशेषण कहलाते हैं, विशेषण के भेद, लिंग, वचन , कारक सभी की पहचान हमें विशेषण  पद परिचय में करनी होगी ) 

विकारी पद परिचय -विशेषण शब्दों का पद परिचय 

. विशेषण का पद परिचय -

                                  विशेषण के परिचय में निम्न बिंदुओ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। 


. भेद (गुण वाचक , संख्या वाचक,परिणाम वाचक ,सार्वनामिक विशेषण )लिंग,वचन ,अवस्था(मूलावस्था-उच्च ,उत्तरावस्था ,उच्चतर,उत्तमाअवस्था -उच्चतम )विशेष्य

उदाहरण: -यह घड़ी मेरी बड़ी बहन की है। 
यह :-सर्वनामिक विशेषण ,एकवचन  
बड़ी:-गुणवाचक विशेषण ,एकवचन 

४. क्रिया का पद परिचय :

                                क्रिया के दो भेद होते हैं।  १*सकर्मक क्रिया , २. * अकर्मक क्रिया  (कोई कर्ता या कर्म होता है तो उसके साथ क्रिया जरूर लगी होती है ,  उसी के हिसाब से हम निकाल पाते हैं की उसका भेद क्या है ? वो सकर्मक क्रिया है या  अकर्मक क्रिया ,फिर उसका काल निकालना होता है,फिर उसी क्रिया के हिसाब से उसका वचन भी होता है जैसे एक वचन है "जाता" होता है, बहु वचन है तो "जाते" होते हैं। 
क्रिया में जो बदलाव होता है उस हिसाब से उसका पद परिचय करते हैं। 
विकारी पद परिचय -क्रिया का पद परिचय 

                                              क्रिया का पद परिचय :-क्रिया के पद परिचय पर निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया जा सकता है। 

भेद :-
           (सकर्मक,अकर्मक )काल,वाच्य ,लिंग ,वचन (किसी भी वाक्य में काम के होने का बोध हो तो वो सकर्मक क्रिया कहलाती है और जहाँ काम के न होने का  बोध हो तो वो अकर्मक क्रिया कहलाती है।
  
उदाहरण  :- 
                  दादी जी भगवत गीता  पढ़ रही थी। (इसमें पता चल रहा है की दादी जी भगवत गीता पढ़ रही थी )
पढ़ रही थी -सकर्मक क्रिया,भूत काल ,स्त्रीलिंग ,एकवचन ,कर्तृवाच्य ,अन्यपुरुष।  
अविकारी पद परिचय
                          (जिनमे शब्दों में कोइ बदलाव नहीं होता। )

अविकारी (अव्यय)- अवयय के अंतर्गत 
क्रिया विशेषण ,
सम्बन्ध बोधक,
समुच्चयबोधक,
विस्मय बोधक 
अविकारी पद परिचय -
                          
. क्रिया विशेषण पद परिचय -
                                          क्रिया विशेषण के पद में निम्न बिंदु अपेक्षित है। 
भेद  :-- 
        (कालवाचक ,स्थानवाचक,रीतिवाचक-एक जैसे शब्द, परिणामवाचक-नाप तौल के शब्द )
संबंध क्रिया जिसकी विशेषता बताई गई है। 

उदहारण -:राम जल्दी जल्दी आया और छत पर जाकर  गया। 
जल्दी-जल्दी :-रीतिवाचक,क्रियाविशेषण 
आया  :-क्रिया की विशेषता 
छत पर:-स्थानवाचक क्रियाविशेषण
जाकर :-क्रिया की विशेषता 

अविकारी पद परिचय -सम्बन्ध बोधक का पद परिचय 


सम्बन्धबोधक पद परिचय  :-
                                               सम्बन्धबोधक के पद परिचय में निम्न बिंदु अपेक्षित है। 
भेद :-
           (काल वाचक ,स्थान वाचक दिशा वाचक , साधन वाचक,समता वाचक ,हेतु वाचक, तुलना  वाचक, सह  वाचक ,विरोध वाचक ,संज्ञा वाचक ,संग्रह वाचक )

उदाहरण :--सोनल नानी के यहाँ   गई।                           सोनल के बिना  गीता नहीं जाएगी। 
के यहाँ :--- स्थान वाचक , सम्बन्ध बोधक 
नानी संज्ञा के सम्बन्ध है 
के बिना  बोधक अव्यय 
सोनल और गीता संज्ञा शब्दों से सम्बन्ध
 

समुच्य बोधक का पद  परिचय - 

                                  इसके अंतर्गत निम्नलिखित बाते आती हैं। 
इसके दो भेद होते होते हैं। 
भेद --समानाधिकरण ,व्यधिकरण 
योजक --शब्द या उपवाक्य जोड़ने वाला 

उदाहरण :--सुनीता और गीता सगी बहने हैं। अध्यापक ने कहा कि आदर्श विद्यार्थी बनो। 
और:-समानाधिकरण ,समुच्य बोधक ,दो शब्दों  तथा दो वाक्यों  जोड़ने वाला  
कि :-- व्यधिकरण समुच्यबोधक , दो वाक्यों  या शब्द को एक दूसरे पर निर्भर करता है। 

विस्मयादिबोधक का पद  परिचय -

                                                  इसके अंतर्गत  विस्मयादिबोधक द्वारा किये गए भाव प्रगट किये जाते हैं। 
उदाहरण :-- वाह ! तुम खेल जित गए।                  आह  ! पेट में बहुत दर्द है। 
वाह ! विस्मयादिबोधक ,हर्ष का भाव - हर्ष सूचक। 
आह ! विस्मयादिबोधक ,पीड़ा  का भाव - पीड़ा सूचक 

* मेरा  बड़ा भाई दूसरे शहर में रहता  है। 

मेरा : - शर्वनाम , पुरुष वाचक (उत्तम )पुलिंग , एक वचन , सम्बन्ध बोधक कारक 
रहता :-- क्रिया ,सकर्मक ,वर्तमान काल , पुलिंग 
* भारत एक विशाल देश है। 
भारत :--  व्यक्ति वाचक संज्ञा ,पुलिंग, एक वचन ,करता कारक 
देश :--  जाती वाचक संज्ञा , पुलिंग ,एक वचन , कर्म कारक। 
* गाय का  दूध मीठा होता है। 
गाय --जाती वाचक संज्ञा , स्त्रीलिंग, एक वचन ,करता कारक 
मीठा --  गुण  वाचक विशेषण ,एक वचन,पुलिंग, विशेष्य दूध।  

वस्तुनिष्ट प्रश्न :--

प्रश्न :-- 'सूरदास ने  सूरसागर की रचना की '- रेखांकित पद का परिचय है ?
(अ ) जातिवाचक संज्ञा ,एकवचन पुलिंग कर्ता कारक। 
(ब ) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन ,पुलिंग ,सम्बन्ध कारक। 
(स ) व्यक्तिवाचक संज्ञा, एकवचन ,पुलिंग ,कर्ता कारक।(उत्तर ) 
(द ) जातिवाचक संज्ञा ,एकवचन, पुलिंग,कर्ता कारक। 

प्रश्न :--  'वह नित्य घूमने जाता है' - रेखांकित पद का परिचय है?
(अ ) गुण वाचक विशेषण , एकवचन ,पुलिंग 'घूमने जाता है ' क्रिया की विशेषता। 
(ब ) रीतिवाचक क्रिया विशेषण ,एकवचन ,पुलिंग ,'घूमने जाता है ' क्रिया की विशेषता। (उत्तर)
(स) अव्यय , स्थानवाचक क्रियाविशेषण , 'घूमने जाता है 'क्रिया की विशेषता। 
(द ) अव्यय , कालवाचक क्रिया विशेषण ,' घूमने जाता है' क्रिया की विशेषता।

प्रश्न :--'तालाब में कमल खिलते हैं '- रेखांकित पद का परिचय है ?
(अ ) सकर्मक क्रिया ,बहुवचन ,पुलिंग ,वर्तमान काल ,कर्तृ वाच्य। (उत्तर)
(ब ) अकर्मक क्रिया ,बहुवचन पुलिंग ,वर्तमान काल,   कर्तृ वाच्य। 
(स) सकर्मक क्रिया ,एकवचन,पुलिंग ,वर्तमान काल ,कर्तृ वाच्य। 
(द ) अकर्मक क्रिया ,एकवचन ,स्त्रीलिंग ,वर्तमान काल, कर्तृ वाच्या। 

प्रश्न :-- 'रंग-बिरंगे  फूल देखकर मन प्रसन्न हो गया ' - रेखांकित पद का परिचय है ?
(अ ) संख्यावाचक विशेषण ,एकवचन ,पुलिंग ,'फूल विशेष्य का विशेषण। 
(ब ) गुणवाचक विशेषण ,बहुवचन ,पुलिंग  'फूल विशेष्य का विशेषण। (उत्तर)
(स) गुणवाचक विशेषण, एकवचन,पुलिंग , '  विशेष्य का विशेषण।  
(द ) गुणवाचक विशेषण , एकवचन ,स्त्रीलिंग , 'फूल विशेष्य का विशेषण। 

प्रश्न :--' प्रधानाचार्य ने आपको बुलाया है '- रेखांकित  परिचय है ?
(अ ) मध्यम  पुरुषवाचक  सर्वनाम , स्त्रीलिंग ,बहुवचन , कर्ता  कारक। 
(ब ) निजवाचक सर्वनाम ,पुलिंग ,एकवचन , कर्ता कारक। 
(स) मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम ,स्त्रीलिंग/पुलिंग  एकवचन ,कर्म कारक। (उत्तर)
(ड) उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम ,स्त्रीलिंग/पुलिंग ,एकवचन ,कर्म कारक। 

प्रश्न :-- विषमयादिबोधक के पद परिचय में बताया जाता है -
(क) भेद,लिंग,वचन,कारक के उल्लेख           (ख ) भेद,काल,वाच्य का उल्लेख 
(ग) भेद एवं भाव का उल्लेख                          (घ) भेद, पुरुष,लिंग,भाव का उल्लेख (उतर)

प्रश्न :-- मेरा छोटा भाई हंस रहा है।  रेखांकित पद का परिचय दीजिए -
(क) अकर्मक क्रिया,पुलिंग ,एक वचन ,वर्तमानकाल ,कर्तृवाच्य 
 (ख ) सकर्मक क्रिया ,पुलिंग ,एकवचन ,वर्तमानकाल, कर्म वाच्य (उत्तर)  
 (ग) अकर्मक क्रिया ,स्त्रीलिंग ,एकवचन , भूतकाल ,कर्तृवाच्य 
(घ) सकर्मक क्रिया ,पुलिंग ,बहुवचन ,भविष्यत् काल ,कर्मवाच्य 

प्रश्न :-- 'ताजमहल आगरा  में है। ' रेखांकित पद का परिचय है -
(क) व्यक्तिवाचक संज्ञा , कर्ता कारक              (ख ) जाती वाचक संज्ञा , कर्म कारक (उत्तर)
(ग) व्यक्ति वाचक संज्ञा ,अधिकरण  कारक       (घ) जातिवाचक संज्ञा ,कर्ता  कारक 

   प्रश्न :-- 'यह साइकल किसकी है ?' रेखांकित पद का परिचय है -
(क) निश्चय वाचक शर्वनाम ,स्त्रीलिंग ,एकवचन ,कर्त्ता  कारक  
  (ख ) सार्वनामिक विशेषण ,स्त्रीलिंग ,एकवचन, कर्ता कारक      
  (ग) पुरुषवाचक शर्वनाम ,स्त्रीलिंग ,एकवचन , कर्म कारक
(घ) सम्बन्ध वाचक सर्वनाम ,स्त्रीलिंग ,एकवचन , कर्म कारक (उत्तर)

प्रश्न :-- वह   पुस्तक पढता है। - रेखांकित पद का परिचय है -
(क) सार्वनामिक विशेषण ,पुलिंग ,एकवचन , कर्ता कारक          
(ख ) पुरुष वाचक सर्वनाम ,पुलिंग ,एकवचन , कर्ता कारक ,(उत्तर)
(ग) निजवाचक सर्वनाम ,पुलिंग ,एकवचन ,कर्ता कारक 
(घ) जातिवाचक संज्ञा ,पुलिंग ,एकवचन ,कर्ता कारक 
  



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