Hi, here we go for all solutions, whatever faced by children.I am there for them always with my pen for whatever comes to my mind, class-3 to10 all problem's solutions, I want to share with my well-wishers and for dear students. I m writing my blog "NCERT books and Solution" for class 3 to 10, mentioned with ncert book and grammar also.

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शनिवार, 10 अप्रैल 2021

भाषाऔर लिपि class-10,(व्याकरण )

भाषा और लिपी 


व्याकरण :-- 

भाषा :--

             प्रत्येक भाषा में शुद्ध रूप और उनके प्रयोग के लिए कुछ नियम बनाए गए हैं , इन नियमो का ज्ञान कराने वाला साधन व्याकरण कहलाता है। 

अर्थात , व्याकरण वह साधन है जिसके द्वारा भाषा को शुद्ध रूप का ज्ञान प्राप्त होता है। 

हम अपने विचारो का आदान -प्रदान भाषा के द्वारा करते हैं। जो कि लिखित , मौखिक या सांकेतिक हो सकता है। 

जिस विधि द्वारा भावो या विचारो का आदान - प्रदान होता है , उसे भाषा कहते हैं। 

मौखिक भाषा :-- 

                         जब हम बात करते हैं या सुनकर कुछ बोलते हैं, उसे विचारो का आदान - प्रदान कहते है और यह मौखिक भाषा कहलाती है। 

जैसे :-- रीमा ने संध्या से पूछा कि आपकी ड्रेस बहुत सुन्दर है , कहाँ से ली ?

            संध्या ने जवाब दिया कि, ये मैंने पालिका मार्केट से लिया है। 

यहां रीमा संध्या के ड्रेस की  तारीफ़ कर  रही है और साथ ही पूछ रही है कि ये आपने कहाँ से लिया है। और रीमा की बातो को सुनकर संध्या ने जवाब दिया।

 यहाँ दोनों के बिच बाते हो रही है , इसे  मौख़िक भाषा कहते हैं। 

 लिखित भाषा :-- 

                       जब दो लोगो के बिच संपर्क लिखित रूप में या पढ़कर होता है , उसे लिखित भाषा कहते हैं। 

                      जैसे कि पत्र लिखना। 

सोनम ने मोना को पत्र लिखकर , उसके तबियत और मौजूदा हालात के बारे में जानना चाहा तो ,मोना ने उसे जवाब में पत्र लिखा और सारी जानकारी दी। 

यहां दो लड़कियों या लोगो के बिच पत्र लिखकर संपर्क किया जा रहा है ,अर्थात , एक लिखती है और दूसरी  पढ़ती है। यहाँ विचारो का आदान  लिखित रूप में हो रहा है ,अतः इसे लिखित भाषा कहते हैं। 

सांकेतिक भाषा :-- 

                            कभी -कभी हम भाषा का प्रयोग सांकेतिक रूप में करते हैं , जैसे किसी के चेहरे पर आए भाव को देखकर समझना कि वो गुस्से में है या खुश है। कभी - कभी दिव्यांग जैसे गूंगे - बहरे  व्यक्ति को  कोई बात इशारो  में समझाना , या फिर ट्रैफिक पुलिस का हाथो के ईशारे से समझाना कि किधर रुकना,मुड़ना या जाना है। ये सभी सांकेतिक भाषा के उदाहरण है।

* भारत सरकार द्वारा 14  सितम्बर 1949 को हिंदी को राष्ट्र भाषा के रूप में घोषित किया था।

 * मॉरीशस, सूरीनाम ,फिजी आदि देशो में भी हिंदी लोकप्रिय भाषा के रूप में प्रचलित है।  

* भारत के संविधान में 22 भाषाओ को भारतीय भाषाओ के रूप में मान्यता प्राप्त है। 

जो इस प्रकार है :--

हिंदी, पंजाबी, उर्दू, डोगरी, कश्मीरी, बांग्ला, असमिया, उड़िया, गुजराती, मराठी, कोंकणी ,तमिल, तेलुगु , कन्नड़,मलयालम , बोडो, संथाली, नेपाली, मैथिलि,सिंधी, संस्कृत और अंग्रेजी।  

लिपि :-- 

                  मौखिक ध्वनियों या विचारो को लिखित रूप में प्रकट करने या बताने के लिए कुछ चिन्ह निश्चित किए गए हैं , जिसे लिखने की विधि को लिपि कहते हैं। 

अलग-अलग भाषाओ की लिपियाँ अलग-अलग  होती है। 

जैसे :-- 

* हिंदी और संस्कृत एवं नेपाली  भाषाए देवनागरी लिपि में लिखी जाती है। 

* पंजाबी को गुरुमुखी लिपि में लिखा जाता है। 

* अंग्रेजी, फ्रांसीसी, जर्मनऔर स्पैनिश  भाषाओं को रोमन लिपि में  जाता है। 

* उर्दू और फारशी को फारशी लिपि में लिखा जाता है। 

* अरबी को अरबी लिपि में लिखी जाती है। 

* चीनी भाषा को काँजी लिपि में लिखी जाती है। 

अतिप्राचीन  काल में ब्राह्मि लिपि भारत वर्ष में प्रचलित थी। देवनागरी और गुरुमुखी इसी लिपि से विकसित हुई है। 

'हिंदी' शब्द की व्युत्पत्ति 'हिन्द' शब्द से ईरानियों द्वारा भारत वर्ष के लिए दी गई थी। तभी से भारत वर्ष की भाषा हिंदी कहलाने लगी। 

व्याकरण के अंग :--

                          भाषा का प्रयोग करते  वक्त मुँह से कुछ ध्वनियाँ (साउंड्स) निकलते है ,उस ध्वनि के सबसे छोटी इकाई को वर्ण कहते हैं।  वर्णो के मेल से बने स्वतंत्र ध्वनि को शब्द कहते हैं। कई शब्द मिलकर एक विचार प्रगट करते हैं ,उसे वाक्य कहा जाता है , वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक शब्द पद कहलाते है। 

इस तरह भाषा की मूलतः चार इकाइयां होती है। 

1 * वर्ण विचार :-- इनका सम्बन्ध वर्णो के भेद , उनके उच्चारण स्थान, वर्णो के संयोग आदि बारे में                                           जानकारी प्राप्त करने से है।

2 * शब्द विचार :-- इनका सम्बन्ध शब्दों के भेद ,उनकी बनावट आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करने से                                  है।   

3  * पद विचार :-- इस अंग में वाक्य में प्रयुक्त शब्दों  की पहचान पदों के रूप  कराई जाती है। 

4  * वाक्य विचार :-- इस अंग का सम्बन्ध वाक्यों की रचना ,उनके भेद आदि के बारे में जानकारी प्राप्त                                   करने से है। 

शब्दावली          Terminology

भाषा =  Language ,   मौखिक भाषा = Oral language ,            लिखित भाषा = Written language

सांकेतिक भाषा = Sign language,              लिपि =   Script,        राष्ट्र भाषा =  Official language

व्याकरण = Grammar ,         वर्ण विचार = Orthography,              शब्द विचार = Morphology

पद विचार = Etymology,   वाक्य विचार = Syntax.

                                                      *-*-*-*-*-*-*-*

पद परिचय के लिए  ..... नीचे दिए हुए लिंक में पढ़े :--

https://totalsolution01.blogspot.com/2020/12/blog-post_16.html 


                


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