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शनिवार, 23 जनवरी 2021

अपठित गद्दांश (हमारी मातृ भाषा ही हमारी पहचान है। )

                             


   अपठित गद्दांश 

प्रश्न :-- निम्नलिखित गद्दांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर  निचे दिए गए प्रश्नो के उत्तर दीजिए :--

संसार के सभी देशो में शिक्षित व्यक्ति की सबसे पहली पहचान यह होती है की वह  मातृ भाषा में दक्षता से काम कर सकता है। केवल भारत ही एक ऐसा देश है जिसमे शिक्षित  व्यक्ति वह समझा जाता है जो  मातृभाषा में दक्ष हो या नहीं किन्तु अंग्रेजी में जिसकी दक्षता असंदिग्ध हो। संसार के अन्य देशो में सुसंस्कृत व्यक्ति वह समझा जाता है जिसके घर में अपनी भाषा की पुस्तकों का संग्रह हो और जिसे बराबर यह पता रहे कि उसकी उसकी भाषा के अच्छे कवि  या लेखक कौन है ? तथा समय - समय पर उनकी कौन सी कृतियाँ प्रकाशित हो रही है ? भारत में  स्थिति दूसरी है।  यहां घर  में  प्रायः साज - सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं  किन्तु अपनी  भाषा की कोई पुस्तक नहीं होती है। यह दुरावस्था भले ही किसी ऐतिहासिक प्रक्रिया का परिणाम  है किन्तु वह सुदशा नहीं है दुरावस्था  ही है। इस दृष्टि से भारतिय भाषाओ के लेखक केवल यूरोपीय  और अमेरिकी लेखकों से ही हीन नहीं है वल्कि उनकी  किस्मत चीन , जापान के लेखकों की किस्मत से भी  खराब है क्योंकि इन सभी लेखकों  की कृतियाँ वहां के अत्यंत सुशिक्षित लोग भी पढ़ते हैं। केवल हम ही नहीं है  जिनकी पुस्तकों पर यहाँ के तथाकथित  शिक्षित समुदाय की दृष्टि प्रायः नहीं पड़ती। हमारा तथाकथित उच्च शिक्षित समुदाय जो कुछ पढ़ना चाहता है ,उसे अंग्रेजी में ही पढ़ लेता है। यहां तक कि उसकी कविता और उपन्यास पढ़ने की तृष्णा भी अंग्रेजी की कविता और उपन्यास पढ़कर ही समाप्त हो जाती है और उसे यह जानने की इक्षा  नहीं होती कि शरीर से वह जिस समाज का सदस्य है उसके मनोभाव उपन्यास और काव्य में किस अदा से व्यक्त हो रहे हैं।  

(अ ):-- भारत में शक्षित व्यक्ति की क्या पहचान है ?

उत्तर :--  भारत में शिक्षित व्यक्ति की पहचान है कि उसे मातृभाषा का ज्ञान अच्छे से हो या न हो लेकिन उसे                           अंग्रेजी  का ज्ञान अच्छे से होनी चाहिए। 

(ब )  :--संसार के अधिकांश देशो में सुसंस्कृत व्यक्ति किसे समझा जाता  है ?

उत्तर :-- संसार के अधिकांश देशो में सुसंस्कृत व्यक्ति उसे माना जाता है जो अपनी मातृभाषा में दक्षता हाशिल की                हो। 

(स) :-- भारत के सुसंस्कृत व्यक्तियों के घरो की स्थिति स्पष्ट कीजिए। 

उत्तर :-- भारत के सुसंस्कृत व्यक्तियों के घरो में साज - सज्जा के आधुनिक उपकरण तो होते हैं लेकिन अपनी                         मातृभाषा की पुस्तकें नहीं होती है। 

(द ):-- उच्च शिक्षित समुदाय की कविता और उपन्यास पढ़ने की तृष्णा किस प्रकार समाप्त हो जाती है ?

उत्तर :-- उच्च शिक्षित समुदाय की कविता और उपन्यास पढ़ने की तृष्णा अंग्रेजी के ही कविता और उपन्यास पढ़कर समाप्त हो जाती हैऔर फिर उन्हें अपनी मातृभाषा की पुस्तक पढ़ने की जरुरत नहीं होती।  

(न) :--  इस गद्दांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए। 

उत्तर :--  तथाकथित भारतीय  शिक्षित समुदाय 

(प) :-- भारतीय भाषाओ के प्रति किस वर्ग में अरुचि  की भावना है  ? 

उत्तर :-- भारतीय भाषाओ के प्रति तथाकथित उच्च शिक्षित समुदायों में अरुचि की भावना है। 

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