Hi, here we go for all solutions, whatever faced by children.I am there for them always with my pen for whatever comes to my mind, class-3 to10 all problem's solutions, I want to share with my well-wishers and for dear students. I m writing my blog "NCERT books and Solution" for class 3 to 10, mentioned with ncert book and grammar also.

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शनिवार, 8 मई 2021

रचनात्मक अभिव्यक्ति (Creative Expression ) मौखिक अभिव्यक्ति (चुटकुले, अंत्याक्षरी, समाचार वचन, श्रुत भाव ग्रहण)लिखित अभिव्यक्ति (संवाद लेखन, डायरी लेखन).


रचनात्मक अभिव्यक्ति (Creative Expression ) 

भाषा हमारे विचारो को अभिव्यक्त करने का माध्यम होती है।  यदि हमारी अभिव्यक्ति रचनात्मक होती है तो हमारी भाषा में निखार आ जाता है।  यह रचनात्मक अभिव्यक्ति मौखिक या लिखित भी हो सकती है। 

* मौखिक अभिव्यक्ति :-- मौखिक अभिव्यक्ति के लिए जिन क्रियाकलापों का सहारा लिया जाता है , वे हैं - चुटकुला, पहेलियाँ, बुझौअल (बुझना - बुझाना ), अंत्याक्षरी खेलना , समाचार सुनना- सुनाना ,वार्तालाप करना , मंच संचालन करना , सुनने के लिए धैर्य , चित्रों को वर्णन करना आदि। 

* लिखित अभिव्यक्ति :--    लिखित अभिव्यक्ति के लिए जिन क्रियाकलापों का सहारा लिया जाता है, वे हैं -- संवाद लिखना , सुचना लिखना , रिपोर्ट लिखना , डायरी लिखना आदि। 

रचनात्मक अभ्व्यक्ति के कुछ उदाहरण :--

                                               मौखिक अभिव्यक्ति 

चुटकुले सुनना - सुनाना :-- चुटकुला सुनाने का भी अपना तरिका होता है।  छोटी-छोटी बातो को मजेदार ढंग से और अपने चेहरे एवं हाथो के - भाव से सामने वाले को पूरी तरह अपनी और आकर्षित करना, जिससे कि सामने वाला आपही की बातो पर ध्यान केंद्रित कर आनंदित हो। मौखिक अभिव्यक्ति के रूप में जाना जाता है।

कुछ चुटकुलों के उदाहरण :--

                                       *  एक ग्रामिण पेंटिंग की दूकान पर गया , उसने दुकानदार से कुछ छत्र दिखाने को कहे। दुकानदार ने चित्र दिखाए। 

दुकानदार -- लीजिए, ऑयल पेण्ट से बना यह चित्र देखिए। कितना खूबसूरत है ! है न !

ग्रामिण :-- सो तो है , पर मन्ने  तो  देसी घी  का माल दिखाओ। 

* हिंदी की कक्षा में गौतम सो रहा था।  अध्यापिका व्याकरण पढ़ा रही थी उनकी दृष्टि गौतम पर पड़ी। 

अध्यापिका -- गौतम !   सर्वनाम के दो उदाहरण बताओ। 

गौतम -- कौन, मै ?

                                 अंत्याक्षरी का खेल 

कक्षा में या घर पर अंत्याक्षरी का खेल दो दलों  बंटकर होता है।  पहले दल का एक सदस्य या बच्चा किसी कविता या गाने की कुछ पंक्तियाँ सुनाएगा। उस  कविता गाने की अंतिम  वर्ण से प्रारम्भ होने वाली कविता या गाने की पंक्तियाँ दूसरे दल के किसी बच्चे को सुनानी होगी।  इसी प्रकार, यह क्रम चलता रहेगा।  सामान्यतः अंत्याक्षरी का खेल इन पंक्तियों से सुरु  होता है --

दल 1 * बैठे-बैठे क्या करोगे, करना है कुछ काम ,

            सुरु करो अंत्याक्षरी, लेकर प्रभु नाम। 

दल 2 * मैया मोरी मैं नहीं माखन  खायो ,

             भोर भयो गैयन के पाछे , तूने मधुबन मोहि पठायो। 

दल 1 * ये शाम भी कुछ अजीब है ,वो शाम भी  अजीब थी 

                  ............. 

 बस  इसी तरह से दोनों दलो  का क्रम चलता रहेगा , और जिस दल के पास नियम के अनुसार गाने  याद नहीं होंगे , वो दल हार जाएंगे। 


                                              समाचार वचन 

अधिकांशतः विद्यालयों में प्रार्थना के समय कोई एक बच्चा टेलीविजन से समाचार सुनकर या अखबार से समाचार छाँटकर  अपने शब्दों में सुनाता है। जैसे :--

  बंगाल की ममता बैनर्जी आज तीसरी बार मुख्यमंत्री पद के लिए सपथ लेंगी। 

कोरोना से संक्रमित लोगो  संख्या 24 घंटे में 4 लाख के पार  गई है और  हमारे देश के लिए दयनीय इस्थिति है। 

बड़े ही दुःख के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे जाने-माने और देशभक्त पत्रकार रोहित सरधाना जी की मृत्यु हो गई है, भगवान उनकी आत्मा को शान्ति दे।  वो भी कोरोना से संक्रमित होने के कारण बीमार चल  रहे थे।  उन्हें याद करते हुए , दो मिनट का मौन रख , श्रद्धांजलि देना चाहिए। 

इसी तरह से कई  समाचार बोले जा सकते है,  जो कि उस समय घटित हो रहा हो। 

                                               श्रुतभाव ग्रहण

किसी घटना ,कहानी , कविता , संवाद आदि को  सुनकर उसका भावार्थ समझना श्रुतभाव ग्रहण कहलाता है। इसी क्रियाकलाप में सुनाए गए प्रसंग (घटना, संवाद, कहानी, आदि ) पर कुछ प्रश्न पूछे जाते हैं। जिनका उत्तर मौखिक रूप होता है।  जैसे :--

एक बढ़ई रोज़ कुछ  बनाता और बेचकर खुश रहता था। वह संतुष्ट था और काम के समय ख़ुशी से गुनगुनाता रहता था।  एक दिन एक अमीर पड़ोसी उसके ठोकने -पीटने  की आवाज़ से परेशान हो गया। वह  शोर बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। पड़ोसी ने बढ़ई  को शांत करने की योजना बनाई। उसने 10 हजार रुपए निकाले और उन्हें एक लिफ़ाफ़े में डालकर बढ़ई की दूकान में रख दिया। उसने सोचा कि अब बढ़ई को काम नहीं करना पडेगा। बढ़ई दूकान आया तो वहां उसे लिफाफा पड़ा मिला। उसने सोचा - ' इन पैसो से कुछ लेकर मै नए औजार खरीदूंगा ताकि और बेहतर फर्नीचर बना सकूँ और ज्यादा पैसे कमा सकूँ। ' पैसे ने बढ़ई के धन कमाने की इक्षा को  बढ़ा दिया। उसने और मेहनत सुरु कर दी  ताकि वह हाल में  मिले रुपयों को लाखो में कर सके। उसने  खूब पैसे कमाए , लेकिन वह संतुष्ट नहीं  हो सका। उसने सोचा कि वह लाख को कड़ोड़ में बदल डाले। अब वह और अधिक काम करने लगा। इससे उसकी दूकान में और ज्यादा शोर होने लगा। 

वह दिन -रात काम करने लगा। अब उसने गुनगुनाना भी छोड़ दिया और अपने काम में भी उसका मन न लगने लगा। रात में कई बार वह इतने तनाव में होता कि  नहीं पाता था। उसका संतोष और उसकी शान्ति धन कमाने के चक्कर में गायब हो  चुकी थी। 

 अब इन प्रश्नो के मौख़िक उत्तर दीजिए :--

प्रश्न 1 * अमीर पड़ोसी की पड़ेशानी क्या थी ?

प्रश्न 2 * बढ़ई  को लिफ़ाफ़े में कितने  रुपए मिले ?

प्रश्न 3  * बढ़ई धन कमाता गया पर उसे संतोष नहीं मिला। क्यों ?

प्रश्न 4 * बढ़ई तनाव में रहने लगा , ऐसा क्यों ?

उत्तर 1 * अमीर पड़ोसी , बढ़ई के ठोकने-पीटने की आवाज  से पड़ेशान रहता था। 

उत्तर 2 * बढ़ई को लिफ़ाफ़े में 10 हजार रुपए मिले। 

उत्तर 3 * बढ़ई की और धन  कमाने की लालच बढ़ती गई। 

उत्तर 4 * बढ़ई की बढ़ती हुई लालच उसे न आराम करने देती थी और न ही शांत रहने देती थी।

                                    लिखित अभिवयक्ति 

संवाद लेखन :--

                       जब दो लोगो के बीच बातचीत होती है और उसे उन्ही के शब्दों में हु-बहु लिखा जाता है तब यह  संवाद लेखन कहलाता है। जैसे :--

माधो को गरम पानी से नहाना है।  उसकी पत्नी सुखिया आँगन में बैठी है। माधो  आवाज लगाता है  

माधो -- सुखिया ! नहाने के लिए पानी गरम कर दो। 

सुखिया -- पहले पतीले में पानी तो भर लाओ। 

माधो -- लो, पानी भर लाया , अब क्या करूँ ?

सुखिया -- अब इस पतीले को स्टोव पर रख दो। 

माधो -- लो, रख दिया।  अब?

सुखिया -- अब स्टोव जलाओ 

माधो -- स्टोव भी जला लिया, अब ?

सुखिया -- अब थोड़ी देर बाद पतीला उतार लेना। 

माधो -- (पतीला उतारते हुए ) यह तो गरम हो गया है। 

सुखिया -- अब बाल्टी में इसका  पलट दो। 

माधो -- अब क्या करूँ ?

सुखिया -- (हँसते हुए ) अब नहा लो, पानी गरम है। 

माधो -- गरम पानी से नहाने में बड़ा मजा आता है। 

सुखिया -- (खिलखिलाती हुई) गरम पानी से नहीं, अपना काम अपने - आप करने में मजा आता है।

                                                    डायरी लेखन 

डायरी लेखन एक ऐसी कला है जिसमे हम प्रतिदिन की  घटना, अनुभव, विचार आदि को संछिप्त रूप में लिखते हैं। इसमें दैनिक कार्यो , अनुभवों का सार दिनांक सहित लिखा जाता है।  प्रतिदिन ऐसा करने से हमारे पास अपने अनुभव का विस्तृत भण्डार बन जाता है। 

जैसे की कक्षा सात की एक बालिका की डायरी पर नजर डालते हैं :--

सोमवार 9 मई 2021 

आज हम अपने परिवार के साथ PPE KIT पहनकर कोरोना सेंटर गए , और वहां  इतने सारे मरीजों को बेहाल स्थिति में देखकर पहले तो घबराहट हुई , लेकिन फिर हिम्मत करके हमसे जितना हो पाया , वहां की कर्मचारियों के साथ मिलकर उनलोगो की मदद की , और दिल को सचमुच बड़ा सुकून मिला। हमने निर्णय लिया है कि अब हम प्रत्येक सप्ताह रविवार को वहां जाकर उनलोगो की देखभाल करेंगे और पूरी सावधानी के साथ। 


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