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शुक्रवार, 4 जून 2021

गद्दान्स(मानवीय करुणा की दिव्य चमक))


निम्नलिखित ग़द्दान्स को ध्यानपूर्वक पढ़कर सही विकल्पों में से उत्तर दीजिए।

फादर को जहरवाद से नहीं मरना चाहिए। जिसकी रगो में दुसरो के लिए मिठास भरे अमृत के अतिरिक्त और कुछ नहीं  था उसके लिए इस जहर का विधान क्यों हो ?यह सवाल किस ईश्वर से पूछे ? प्रभु की आस्था ही जिसका अस्तित्व था , वह देह की इस यातना की परीक्षा उम्र के आखिरी देहरी पर क्यों दे ? एक लम्बी, पादरी के सफ़ेद चोंगे से ढकी आकृति सामने है - गोरा रंग , सफ़ेद झाईं मारती भूरी दाढ़ी, नीली आँखे - बाँहें खोल गले लगाने को आतुर। इतनी ममता, इतना अपनत्व इस साधू में अपने हर एक प्रियजन के लिए उमड़ता रहता था। मै पैतीस साल से इसका साक्षी था।  तब भी जब वह इलाहाबाद में थे और तब भी जब वह दिल्ली आते थे।  आज उन बाँहों का दबाब मै अपनी छाती पर महसूस करता हूँ। 

* प्रश्न :-- फादर की मृत्यु  बिमारी से हुई थी?

१ जहरवाद से (उत्तर)

२ जहर से 

३ चिंता से 

४ कैंसर से 

* प्रश्न :-- लेखक यहाँ किसकी बाँहों का दबाब महसूस कर रहा है?

१  पिता की 

२ माता की 

३ फादर की (उत्तर)

४ अपने बेटे की 

* प्रश्न :-- गद्दांश किस पाठ से लिया गया है?

१ नेता जी का चश्मा 

२ मानव करुणा की दिव्य चमक 

३ मानवीय करुना  की दिव्य चमक 

४ मानवीय करुणा की दिव्य चमक (उत्तर)

* प्रश्न :-- गद्यांश में फ़ादर किसे कहा गया है?

१ बुल्के कामिल को 

२ कामिल बुल्के को (उत्तर)

३  दोनों सही है 

४ लेखक को 

* प्रश्न :-- प्रस्तुत गद्यांश में लेखक किस्से किससे सवाल कर रहे हैं?

१ स्वयं से 

२ ईश्वर से (उत्तर)

३ साधू से 

४ फादर बुल्के से 

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