अपठित पधांश पाठ्य पुस्तक की विषय सूचि से बाहर से ली जाती है ताकि बच्चो की सोचने-समझने और उनके भावो को विस्तार दिया जाए।
क्या करोगे अब ?
समय का
जब प्यार नहीं रहा
सर्वसहा पृथ्वी का
आधार नहीं रहा
न वाणी साथ है
न पानी साथ है
न कहीं प्रकाश है स्वक्ष
जब सबकुछ मैला है आसमान
गंदगी बरसाने वाले
एक अछोर फैला है
कहीं चले जाओ
विनती नहीं है
वायु प्राणपद
आदमकद आदमी
सब जग से गायब है
प्रश्न (१) . कवि ने धरती को कैसा बताया ?
क) . रत्नगर्भा
ख ) . आधारशिला
ग) . सर्वसहा (उत्तर)
घ) . माँ
प्रश्न ( २). 'आदमकद आदमी' से क्या तात्पर्य है ?
क) . मानवीयता से भरपूर आदमी (उत्तर)
ख ) . ऊँचे कद का आदमी
ग) . सम्पूर्ण मनुष्य
घ) . सामान्य आदमी
प्रश्न ३) . आसमान की तुलना किस्से की गई है ?
क) . समुंद्र से
ख ) . नीली झील से
ग) . पतंग से
घ) . गंदगी बरसाने वाले थैले से (उत्तर)
प्रश्न ४) . प्राणदान का क्या तात्पर्य है ?
क) . प्राणो को पूर्ण करने वाला
ख ) . प्राण प्रदान वाला (उत्तर)
ग) . प्राणो को प्रणाम करने वाला
घ) . प्राणो को छीन लेने वाला
प्रश्न ५) . कवि समय से कब और क्यों कतराना चाहते है ?
क) . किसी के पास बात करने का समय नहीं
ख ) . किसी को दो क्षण बैठने का समय नहीं
ग) . किसी को प्यार करने का समय नहीं (उत्तर)
घ) . किसी को गप मारने का समय नहीं
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