अपठित बोध (Unseen passage)
ऐसे अनुच्छेद (गद्द्यांश या पद्यांश ), जो कि पाठ्यपुस्तक से बाहर से दिया गया हो, अर्थात जो पाठ्यपुस्तक में नहीं दिया गया हो , अपठित बोध कहलाते हैं। अपठित बोध में दिए गए अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर समझना होता है और उसका अर्थ - भाव ग्रहण करना होता है जिससे आप अनुच्छेद पर आधारित प्रश्नो के उत्तर आसानी से दे सके।
उदाहरण :--
निम्नलिखित गद्द्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और पूछे गए प्रश्नो के उत्तर लिखिए :--
वनो का क्षरण(Deforestation)
प्रश्न 1 * हमारे देश में वनो की कब कमी नहीं थी ?
उत्तर :-- जब हमारे देश की आवादी कम थी और बड़ो-बड़ो शहरो का विकाश नहीं हुआ था तब हमारे देश में वनो की कमी नहीं थी।
प्रश्न 2 * हमारा वर्तमान जीवन कहाँ कैद हो गया है ?
उत्तर :-- हमारा वर्तमान जीवन सीमेंट ,लोहे और कंक्रीट के जंगलो से भरे - पड़े महानगरों में कैद हो गया है।
प्रश्न 3 * पर्यावरण विशेषज्ञों की क्या धारणा है ?
उत्तर:-- पर्यावरण विशेषज्ञों की राय में ,हमारे देश के कम-से-कम 40 % भू-भाग पर वनो का हिना आवश्यक है।
प्रश्न 4 * हमारे देश में वनो की घटती संख्या के प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर :-- हमारे देश की बढ़ती आवादी , शहरीकरण , औद्योगिकीकरण और हमारी आधुनिक जीवन - शैली के कारण वनो की संख्या दिन - प्रतिदिन घटती जा रही है।
प्रश्न 5 * 'दुर्भाग्य 'का संधि-विच्छेद कीजिए और संधि-भेद बताइए।
उत्तर :-- दुर्भाग्य = दुः + भाग्य
विसर्ग संधि
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