आज हम स्वतंत्र देश के नागरिक है,जहाँ लोकतंत्र है। देश की बागडोर हमारे द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के हाथो में है। आज हम महिलाओ की भलाई के बारे में ज्यादा सोच सकते हैं। पिछली सरकारों ने महिलाओ के कल्याण के लिए अनेक योजनाए बनाई। उनकी शिक्षा पर जोड़ दिया जाने लगा। देश की अनेक गैर-सरकारी संस्थाओ ने उनकी शिक्षा के लिए स्कूल, कॉलेज खुलवाएं। जीवन के हर क्षेत्र में उन्हें प्रोत्साहित करने हेतु अनेक उपाय सोचे गए और लागू किए गए। महिलाओ को पारिवारिक और सामाजिक उत्पीड़न से बचाने के लिए 'महिला आयोग 'कर गठन भी कर दिया गया। आज के समय में महिलाए जीवन के हर क्षेत्र में पुरुष के कंधे - से - कंधे मिलाकर काम कर रही है। महिलाए शिक्षा के क्षेत्र में भी पुरुष की अपेक्षा कहीं आगे जा चुकी है। नौकरियों में भी महिलाओ की संख्या धीरे - धीरे बढ़ रही हैं। समाज में महिलाओ का वर्चस्व सूर्य के प्रकाश की तरह तेज हो रहा है। देश के उच्च पदों पर भी स्त्रियाँ बखूबी कार्य कर रही है। पहले तो कुछ ही गिनी - चुनी महिलाएँ थी जिनका नाम हम गौरव के साथ लेते हैं,लेकिन अब देश की सर्वोच्च पदों पर महिलाएँ अपना दाईत्व सफलतापूर्वक निभा रही है।
निम्नलिखित में से निर्देशानुसार विकल्पों का चयन कीजिए :--
प्रश्न 1 . लोकतंत्र का आशय है -
क) - लोक-कल्याणकारी शाशन ख ) - लोकपाल का चुनाव
ग) - संसद का शाशन घ) - चुने हुए प्रतिनिधि का शाशन
उत्तर (घ) :-- चुने हुए प्रतिनिधि का शाशन।
प्रश्न 2 . महिला आयोग का मुख्य कार्य है, महिलाओ को -
क) शक्तिशाली बनाना ख ) - सामाजिक शोषण से बचाना
ग) नौकरियां दिलाना घ) - उच्च पदों पर पहुँचाना
उत्तर ( ख ) :-- सामाजिक शोषण से बचाना।
प्रश्न 3 . उत्तपीड़न का अर्थ है -
क) पीड़ित होना ख ) पीड़ा से मुक्ति
ग) पीड़ा पहुँचाना घ) पीड़ा न होना
उत्तर (ग) :-- पीड़ा पहुँचाना।
प्रश्न 4 . 'कंधे - से - कंधा मिलाना' का आशय है -
क) प्रतियोगिता करना ख ) होड़ में आगे रहना
ग) स्वास्थ्य रक्षा के उपाय करना घ) बराबरी करना
उत्तर :-- (घ) बराबरी करना
प्रश्न 5 . गद्यांश का उचित शीर्षक होगा -
क) भारतीय नारी का इतिहाष ख ) लोकप्रिय महिलाएँ
ग) महिला कल्याण के उपाय घ) आगे बढ़ती भारतीय नारी
उत्तर :-- महिला कल्याण के उपाय।


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