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शनिवार, 20 मार्च 2021

अपठित पद्यांश " नया जग बना चल "


समय के सभी साथ जीवन बदलते,

समय को बदलता हुआ तू चलाचल। 

कि भर आत्मविस्वाश हर सांस में तू 

उषा के लीए  हास(प्रसन्नता) भर आस में तू 

उड़ा दे सभी त्रास(कष्ट और भय ) उच्छ्वास (लम्बी स्वाँस ) में तू 

बदल दे नरक के सभी दृस्य पल में तू 

बना दे अमृत विस्व का सब हलाहल। 

निराशा तिमिर में रुका ही नहीं तू  

न तूफ़ान में भी झुका है कभी तू  

जगत-चित्र की तूलिका(कूँची ) है सही तू 

तुझे विश्व मदिरा पिलाए भला क्या 

स्वयं विश्व को  प्राण दे और जिया चल 

निशा में तुझे चाँद ने पथ दिखाया 

प्रलय - मेघ ने बिजलियों को बुलाया 

थके प्राण को सिंह का स्वर पिलाया 

धरा ने बिछाया दिल, नागों ने उठा सिर 

बनाया तुझे ,तू नया,जग बना चल। 

भावार्थ :-- 

                 कवी इन कविताओं द्वारा हमारे युवको में नई जोश और उमंग भरना चाहते हैं। उनका कहना है कि समय के साथ तो सभी चलते हैं ,पर हे वीर जवान तू समय  बदलता हुआ चल। वो उन्हें अपने अंदर आत्मविश्वास को भरने की बात करते है जैसे  कि सूर्य की तरह हर आशा में प्रसन्नता भर। एक लम्बी साँस ले और हर कष्ट और भय को उड़ा दे। वो समाज की बुराइयों को नरक से तुलना कर उसमे भरी विष को अमृत में बदलने को कहते हैं। वो याद दिलाते हुए कहते हैं कि  जिस तरह तुमने अंधकारयुक्त निराशा में नहीं रुका ,तूफ़ान में नहीं झुका ,तुम वो हो जो  विश्व पटल पर चित्र बनाने के लिए कूँची का काम किए हो। तुम्हे भला नशा कौन दे सकता है,तुमने तो विश्व को प्राण दिए हैं। तू जिया चल ,तुझे रात्रि में चाँद ने पथ दिखाता रहा है। प्रलय जैसी मेघ ने बिजलियों द्वारा तुम्हारे थके हुए मन को सिंह का स्वर दिया है। पृथ्वी ने अपना सीना बिछाया और नागो ने फ़न  फैलाकर तुझे सर्वोच्च बनाया ,तू नया जग बनाता  चल। 

प्रश्न १. कविता किसे सम्बोधित है ?

(क) भारतीय युवा को                                      ( ख ) मज़दूर को 

(ग) आँधी - तूफ़ान को                                      (घ) सम्पूर्ण विश्व को 

उत्तर :--  (क) भारतीय युवा को। 

प्रश्न 2 . भारतीय विरो को कैसे आगे बढ़ने को कहा गया है ?

(क) समय-असमय की चिंता न करते हुए              (ख ) समय के साथ चलते हुए 

(ग) समय पर काम करते हुए                                 (घ)  बदलते हुए 

उत्तर :-- (क)समय-असमय की चिंता न करते हुए। 

प्रश्न ३. 'उड़ा दे सभी त्रास उच्छवाश में तू '- पंक्ति में आग्रह है -

(क) कष्टों को भूल जाने का                                 (ख ) परेशानियों को गहनता से सहन करने का 

(ग) निडरता का                                                  (घ)डराने का 

उत्तर:-- (क) कष्टों को भूल जाने का। 

प्रश्न 4 . प्राकृतिक शक्तियों ने वीर निर्माण किया है, इसलिए, उसे - 

(क) इसलिए उसे नए विश्व का  निर्माण करना चाहिए             (ख ) आत्म-विश्वास से भर जाना चाहिए 

(ग) प्रकृति का धन्यवाद करना चाहिए                                   (घ) विश्व को अमृत बना देना चाहिए

(ख ) आत्म- विश्वास से भर जाना। 

प्रश्न 5 . उपर्युक्त काव्यांश का उचित शर्शक है -

(क) युवक                                                                          (ख ) नया  जग बना चल  

(ग) वीर सेनानी                                                                    (घ) आत्मविश्वासी

(ख ) नया जग बना चल 

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