पधांश वे होते है जो हमारे पाठ्य पुस्तक में पढ़ाए गए नहीं होते है , और बच्चो को ये प्रश्न उनकी सोच और क्षमता को बढ़ाने के लिए दिए जाते हैं। पद्यांश को हल करते समय , इसे अच्छी तरह पहले समझकर पढ़ लेना चाहिए फिर प्रश्नो को भी ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए। प्रश्नो को पढ़ने के बाद एक बार और पद्यांश पढ़ना चाहिए और प्रश्नो से सम्बंधित लाइन पर ध्यान देना चाहिए और अच्छे से समझकर उत्तर लिखना चाहिए, जल्दीवाजी बिलकुल नहीं करना चाहिए, और ना ही ज्यादा देर ही करनी चाहिए।
क्या रोकेंगे प्रलय मेघ ये , क्या विद्युत घन - नर्तन ,
मुझे न साथी रोक सकेंगे , सागर के गर्जन - तर्जन।
मै अविराम पथिक अलवेला , रुके न मेरे कभी चरण ,
शूलों के बदले फूलो का ,किया न मैंने मित्र चयन।
मै विपदाओं में मुस्काता , नव आशा के दीप लिए ,
फिर मुझको क्या रोक सकेंगे , जीवन के उत्थान - पतन।
मैं अटका कब-कब विचलित मै , सतत डगर मेरी संबल ,
रोक सकी पगले कब मुझको , यह युग की प्राचीर निबल।
आंधी हो, ओले वर्षा हो , राह सुपरिचित है मेरी ,
फिर मुझको क्या डरा सकेंगे , ये जग के खंडन - मंडन।
मुझको डरा पाए कब अंधड़ , ज्वालामुखियों के कंपन ,
मुझे पथिक कब रोक सके हैं , अग्निशिखाओं के नर्तन।
मै बढ़ता अविराम निरंतर , तन-मन में उन्माद लिए ,
फिर मुझको क्या डरा सकेंगे , ये बादल - विधुत नर्तन।
प्रश्न (क). 'क्या रोकेंगे प्रलय मेघ ये' पंक्ति में मेघ किसका प्रतिक है ?
१). जीवन में आने वाली विघ्न - वाधाओ का (उत्तर)
२). जोरदार वर्षा करने वाली मेघो का
३). सागर की गर्जना का
४). ज्वालामुखी का
प्रश्न (ख ). पद्यांश के अनुसार कवी ने हमेसा कौन से रास्ते चुने हैं ?
१) . आसान रास्ते को
२). संघर्षशील रास्ते को (उत्तर)
३). पर्वतीय रास्ते को
४). रेतीले रास्ते को
प्रश्न (ग) . युग की प्राचीर किसे कहा गया है ?
१) . युग की दीवारों को
२) . सागर की गर्जना को
३) . संसार की बाधाओं को (उत्तर )
४) . सांसारिक सुखो को
प्रश्न (घ) . पद्यांश में कवी की कौन सी विशेषता पता चलती है ?
१) . कवी साहसी और संघर्षशील है (उत्तर)
२) . कवि बाधाओं से घबरा जाता है
३) . कवि मुसीबत से भागता है।
४) . कवि लक्ष्य से भटक जाता है।
(ड.) . 'उत्थान - पतन ' में कौन सा समास है ?
१) . द्विगु समास
२) . द्वंद्व समास (उत्तर) :-- जिस समास में दोनों पद अथवा सभी पदों की सामान प्रधान ता होती है, द्वंद्व समास कहलाता है।
३) . अव्ययीभाव समास
४). तत्पुरुष समास


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